₹50,000 से अधिक किराया? जानिए टैक्स पेनल्टी से बचने के लिए किराएदारों को क्या करना होगा
₹50,000 से अधिक का मकान किराया देने वाले लोगों के लिए आयकर धारा 194-IB के तहत 2% TDS काटना अनिवार्य है। यह राशि काटकर सरकार को जमा करनी होती है और मकान मालिक को फॉर्म 16C देना होता है। ऐसा न करने पर प्रतिमाह 1% से 1.5% ब्याज और फॉर्म 26QC में देरी पर ₹200 प्रतिदिन का जुर्माना लगेगा।