₹6.5 करोड़ में निपटा सुभाष चंद्रा का ₹22,000 करोड़ का कर्ज, बैंकों को हुआ 99.9% नुकसान
दिवालियापन ट्रिब्यूनल NCLT ने सुभाष चंद्रा के प्लान को मंज़ूरी दे दी है। इसके तहत 'ज़ी' के फाउंडर अपनी पर्सनल दिवालियापन समाधान प्रक्रिया में लगभग ₹22,006.57 करोड़ के लेनदारों के दावों को निपटाने के लिए ₹6.5 करोड़ का भुगतान करेंगे। लेनदारों के समूह का नेतृत्व कर रही LIC हाउसिंग फाइनेंस को ₹1,322.39 करोड़ के दावे के बदले ₹38 लाख मिलेंगे।