बिहार के प्रसिद्ध टिकुली कला की शुरुआत 800 साल पहले पटना में हुई थी। टिकुली कलाकार शबीना इमाम ने बताया कि शुरुआत में टिकुली (बिंदी) पर यह कला बनाई जाती थी लेकिन धीरे-धीरे यह कलाकारी लकड़ी व कपड़ों पर भी की जाने लगी। मुगलों ने इस कला में दिलचस्पी दिखाई और इसे राजकीय संरक्षण दिया जिससे इसका प्रचार-प्रसार हुआ।