₹8000 से कमाने लगा ₹50 लाख; 11 बार फेल हुए इंजीनियर ने कैसे रिस्क लेकर बदली अपनी किस्मत?
एक इंजीनियर ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि टियर-3 कॉलेज से पढ़ाई के दौरान उनके 11 बैकलॉग थे और करियर की शुरुआत ₹8,000 महीने की नौकरी से हुई। नौकरी के साथ बैकलॉग क्लियर कर उन्होंने एंबेडेड सिस्टम्स में अनुभव हासिल किया और अलग-अलग रोल में उसने 5 बार सोच-समझकर नौकरी बदली। धीरे-धीरे उनकी सैलरी बढ़कर ₹50 लाख/साल हो गई।