'Melody इतनी चॉकलेटी क्यों है?' उस मशहूर ऐड की कहानी जिसने बदल दी कैंडी मार्केटिंग की दुनिया
'पार्ले प्रोडक्ट्स' ने साल-1983 में 'मेलोडी' टॉफी बाज़ार में उतारी थी। उस समय मिलने वाली सख्त टॉफियों की जगह यह दो परत (बाहर कड़क, अंदर मलाइदार कैरेमल) में थी जिससे अलग-अलग स्वाद मिलता है। यही अंतर समझाने के लिए 'मेलॉडी इतनी चॉकलेटी क्यों है?' कैंपेन चला। आज 40 साल बाद भी मेलोडी भारत की टॉप चॉकलेट कैंडीज़ में शामिल है।