'कुंभकर्ण की तरह सोता है' कहकर बच्चे को जगाते हैं? पैरेंटिंग कोच ने कहा- हो सकती है हेल्थ प्रॉब्लम
पैरेंटिंग कोच परीक्षित जोबनपुत्रा ने बताया है कि सुबह बच्चों को जगाने के लिए माता-पिता द्वारा डांटना, दबाव बनाना या 'कुंभकर्ण की तरह सोता है' कहना उनके भीतर तनाव और एंग्जायटी बढ़ा सकता है। उन्होंने कहा, "सुबह में चीखना-चिल्लाना सुनकर छोटे बच्चों में स्ट्रेस, टेंशन, डिप्रेशन, एंग्जायटी बढ़ रहा है। छोटी उम्र में बच्चों को हार्ट अटैक आ रहे हैं।"