'डूम स्क्रॉलिंग' किस तरह से इंसानों पर नकारात्मक प्रभाव डालता है?

नकारात्मक खबरें पढ़ने के लिए ऑनलाइन अत्यधिक समय बिताने को डूम स्क्रॉलिंग कहते हैं। मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता पीयूषा सामंत के मुताबिक, डूम स्क्रॉलिंग लोगों को दुखद घटनाओं के प्रति असंवेदनशील बना सकता है और वे अपनी भावुकता खो सकते हैं। यह ऐंटीसोशल पर्सनैलिटी डिसऑर्डर, हिंसात्मक व्यवहार, बायपोलर डिसऑर्डर और हॉर्मोनल इम्बैलेंस जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है।

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