'सार्वजनिक ज़मीन पर नमाज़ पढ़ना अधिकार नहीं है', इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि सार्वजनिक भूमि पर नमाज़ पढ़ना/बड़े धार्मिक आयोजन करना किसी भी व्यक्ति का अधिकार नहीं है और यह राज्य के नियमों के तहत आता है। यह टिप्पणी उस मामले में आई जिसमें एक व्यक्ति ने ज़मीन को निजी बताते हुए नमाज़ पढ़ने के लिए सुरक्षा मांगी जबकि यूपी सरकार ने उसे सार्वजनिक उपयोग का बताया।