दुनियाभर में 1 दिसंबर को एड्स (एक्वायर्ड इम्यूलनो डेफिसिएंशी सिंड्रोम) दिवस मनाया जाता है जिसकी शुरुआत 1988 में जेम्स डब्ल्यू बन्न और थॉमस नेटर ने की थी। ये दोनों विश्व स्वास्थ्य संगठन के लिए सार्वजनिक सूचना अधिकारी के तौर पर काम करते थे और इन्होंने ही एचआईवी एड्स को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने के विचार की कल्पना की थी।