14 व 15 जनवरी को ही अधिकतर क्यों मनाई जाती है मकर संक्रांति?
मकर संक्रांति का संबंध पृथ्वी का सूर्य के चक्कर लगाने से है। ज्योतिष और खगोल विज्ञान ने इसे 12 भागों में बांटा है, ये आकाश के 12 हिस्से होते हैं जिन्हें राशियों का नाम दिया गया है। हर संक्रांति का दिन सूर्य की परिक्रमा के आधार पर होता है और यह तारीख 14 व 15 जनवरी को ही पड़ती है।