1886 में लाल नहीं बल्कि हरे रंग की होती थी कोका-कोला की बोतल
1886 में कोका-कोला की शुरुआत हुई थी और शुरुआती दिनों में इसे लाल के बजाय हरे रंग की बोतल में बेचा जाता था। दरअसल, हरे रंग का कांच सूरज की रोशनी से बचाता था जो इसे खराब होने से बचाता था। हरा रंग अन्य ब्रैंड की बोतलों से अलग दिखता था इसलिए दुकानों में आसानी से पहचाना जा सकता था।