1952 में प्रदूषण से 12,000+ मौतें होने के बाद कैसे आज महज़ 19 है लंदन का एक्यूआई?
दिसंबर-1952 में कोयले और औद्योगिक धुएं के चलते लंदन के ऊपर घने और ज़हरीले धुंध का गुबार बन गया था जिसे ‘ग्रेट स्मॉग ऑफ लंदन’ कहते हैं। इससे 12,000 मौतें हुईं और 1 लाख+ लोग बीमार पड़े। इसके बाद 1956 में क्लीन एयर ऐक्ट लागू कर कोयले के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई गई और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दिया गया।