UN के महिलाओं और आर्थिक-सामाजिक मामलों के विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा रफ्तार से दुनिया में लैंगिक समानता का लक्ष्य 2030 के बजाय 2197 तक हासिल होगा। सतत विकास लक्ष्य-5 का कोई भी संकेतक 2030 के लक्ष्य की राह पर नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2020-26 के बीच 54 देशों में संसद में महिलाओं की हिस्सेदारी घटी।