3 महीने से बड़े बच्चे को गोद लेने वाली महिला को भी मैटरनिटी लीव का हक: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया कि 3-महीने से अधिक उम्र के बच्चे को गोद लेने वाली महिलाएं भी मैटरनिटी लीव की हकदार हैं। अदालत ने कहा कि मातृत्व संरक्षण मूलभूत मानवाधिकार है और परिवार बनाने के गैर-जैविक तरीके भी समान रूप से कानूनी हैं। कोर्ट ने बच्चे की उम्र के आधार पर लाभ से इनकार करना अनुचित बताया।