60 वर्षों से समाज सेवा और ग्रामीण उत्थान से जुड़े हैं बापुराव, 86 वर्ष की उम्र में मिला पद्मश्री
ग्रामगीता दर्शन के प्रसार में उल्लेखनीय योगदान देने वाले महाराष्ट्र के 86 वर्षीय समाजसेवक व शिक्षाविद जनार्दन बापुराव बोथे को पद्मश्री से सम्मानित किया गया। वह पिछले 60 वर्षों से समाज सेवा और ग्रामीण विकास के कामों में जुड़े हुए हैं। बापुराव के मुताबिक, सबकी भलाई ही सबसे बड़ा धर्म है और जात-पात व ऊंच-नीच मिटाना ही सच्ची सेवा है।