CTC और इन-हैंड सैलरी में क्या अंतर होता है?

किसी कर्मचारी की नियुक्ति पर कंपनी द्वारा किया जाने वाला सालाना खर्च कॉस्ट टू कंपनी (सीटीसी) कहलाता है जबकि कटौतियों के बाद कर्मचारी को मिलने वाली राशि इन-हैंड सैलरी कहलाती है। इन कटौतियों में ईपीएफ, इनकम टैक्स, प्रोफेशनल टैक्स और अन्य लाभ होते हैं। इसी कारण से आमतौर पर कर्मचारियों की सीटीसी उनकी इन-हैंड सैलरी से अधिक होती है।

Load More