गिरते बाज़ार में म्यूचुअल फंड निवेश के लिए कॉन्ट्रेरियन स्ट्रैटेजी अपनाई जा सकती है जिसमें बाज़ार की मौजूदा धारणा के उलट उन कंपनियों की पहचान की जाती है जिनके शेयर दबाव में हैं लेकिन बुनियाद और भविष्य की कमाई में सुधार की संभावना है। इसके लिए वैल्यूएशन, कंपनी की वित्तीय स्थिति, कर्ज़, कमाई और समस्या के अस्थायी/स्थायी होने का आकलन ज़रूरी है।