पीटीआई के मुताबिक, आईसीएमआर ने ₹35 की डिवाइस विकसित की है जो 3 चरणों में ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) की जांच कर सकती है और सिंगल रन के दौरान ढाई घंटे में 1,500 से अधिक सैंपलों की जांच कर सकती है। वर्तमान में टीबी के लिए पारंपरिक तकनीक के ज़रिए टीबी नेगेटिव की पुष्टि होने में 42 दिन लग जाते हैं।