आईपीएल-2018 में शुरू हुए लोन सिस्टम के तहत टीमें सीज़न के बीच में किसी दूसरी टीम से रजिस्टर्ड खिलाड़ी को ले सकती हैं। वही खिलाड़ी पात्र होता है जिसने 2 या उससे कम मैच खेले हों। उसे एक सीज़न में सिर्फ एक बार लोन पर दिया जा सकता है और वह खिलाड़ी अपनी मूल टीम के खिलाफ नहीं खेल सकता।