ISRO के नई पीढ़ी के रॉकेट इंजन का सफल परीक्षण, यह भारत के लिए गेमचेंजर क्यों माना जा रहा है?

ISRO ने 175-टन थ्रस्ट स्तर यानी अपनी पूरी क्षमता के 88% पर नई पीढ़ी के सेमी-क्रायोजेनिक रॉकेट-इंजन पावरहेड का सफल हॉट-टेस्ट किया है। यह इंजन भविष्य में LVM3 रॉकेट के मौजूदा L110 कोर-स्टेज की जगह लेगा जिससे उसकी पेलोड क्षमता बढ़ेगी। स्वच्छ ईंधन और बेहतर प्रदर्शन के कारण इसे भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है।

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