इस साल ITR दाखिल करने वाले करदाताओं पर आयकर अधिनियम, 1961 ही लागू होगा जबकि आयकर अधिनियम, 2025 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो चुका है। इसकी वजह यह है कि ITR में दिखाई जा रही आय नई व्यवस्था लागू होने से पहले की है। इसलिए टैक्स देनदारी, डिडक्शन और छूट का निर्धारण पुराने कानून के तहत ही होगा।