ITR फाइलिंग से पर्सनल लोन की मंज़ूरी पर कैसे पड़ता है असर?
ANI के अनुसार, नियमित ITR फाइल करने से पर्सनल लोन मिलने की संभावना बढ़ सकती है। इससे लेंडर्स आपकी आय, कमाई के तरीके और फाइनेंशियल डिसिप्लिन को वेरिफाई कर पाते हैं। नौकरीपेशा लोगों के लिए सैलरी स्लिप/बैंक स्टेटमेंट के साथ ITR सेकेंडरी डॉक्यूमेंट का काम करता है जबकि स्वरोज़गार करने वालों के लिए यह आय का मुख्य प्रमाण होता है।