आयकर रिटर्न दाखिल करने से पहले करदाता पुरानी और नई टैक्स रिजीम की तुलना करके अपना आयकर रिफंड अधिकतम कर सकते हैं। कम कर भुगतान वाली व्यवस्था चुनने से अगर अधिक TDS काटा गया हो तो ज्यादा रिफंड मिल सकता है। वहीं, पुराने रिजीम में सेक्शन 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की टैक्स कटौती का लाभ भी मिलता है।