सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नीट-यूजी 2024 परीक्षा के आयोजन में 0.001 प्रतिशत लापरवाही भी हुई हो, तब भी उससे पूरी तरह से निपटा जाना चाहिए। अदालत ने कहा कि छात्रों को इन परीक्षाओं की तैयारी में कठोर परिश्रम करना पड़ता है। कल्पना कीजिए कि व्यवस्था से धोखाधड़ी करने वाला कोई व्यक्ति चिकित्सक बन जाए तो क्या होगा।