RBI के नए लोन प्राइसिंग नियमों से कर्ज़दारों पर क्या पड़ेगा असर?
RBI ने लोन की ब्याज दरों में एकरूपता/पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ड्राफ्ट प्रस्ताव रखा है। इसके तहत कमर्शियल बैंकों के फ्लोटिंग-रेट पर्सनल/रिटेल लोन को बाहरी बेंचमार्क से जोड़ा जाएगा जिससे रेपो रेट बदलने का असर ग्राहकों तक जल्दी पहुंचेगा। छोटे लोन पर APR की अधिकतम सीमा और शॉर्ट-टर्म कृषि लोन पर शुल्क की सीमा तय करने का भी प्रस्ताव है।