RBI ने ब्याज दरें बढ़ाने के बजाय डॉलर आकर्षित करने का रास्ता क्यों चुना?
RBI ने इस बार रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रखते हुए विदेशी पूंजी निवेश बढ़ाने पर जोर दिया है। RBI का मानना है कि महंगाई फिलहाल नियंत्रण में है, जबकि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच रुपए को मज़बूती देने, लिक्विडिटी बढ़ाने और बाहरी फंडिंग ज़रूरतों को पूरा करने के लिए विदेशी डॉलर आकर्षित करना ज़्यादा प्रभावी कदम हो सकता है।