'मनीकंट्रोल' के अनुसार, कई निवेशक 8-10 फंड खरीद लेते हैं लेकिन उनमें अक्सर एक जैसे शेयर होने से वास्तविक डायवर्सिफिकेशन नहीं मिल पाता। उदाहरण के लिए ₹25,000 की SIP को 10-12 फंड्स में बांटने से हर फंड में निवेश कम हो जाएगा जिससे अच्छे फंड का असर सीमित रहता है। साथ ही, परफॉर्मेंस की समीक्षा करना मुश्किल हो जाता है।