SSR का मकसद वोटर लिस्ट को सही-अपडेट रखना है। इसके तहत पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल किया जाता है। SSR में नए वोटर्स के नाम जोड़ने के साथ-साथ गलतियां सुधारी जाती हैं जबकि SIR में वोटर्स की जानकारी/पात्रता की गहन जांच होती है। SSR में मौजूदा वोटर लिस्ट को आधार मानते हैं। SIR में विस्तृत सत्यापन होता है।