लोकसभा द्वारा UPI ट्रांज़ैक्शन पर MDR की अनुमति वाले बिल को मंज़ूरी दिए जाने के बाद पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने बताया है कि UPI को चलाने का खर्च बैंक, NPCI और पेटीएम-गूगलपे जैसे पेमेंट ऐप्स उठाते हैं। उसने बताया, "इसे चलाने में टेक्नोलॉजी, धोखाधड़ी से बचाव, साइबर सुरक्षा, नियमों का पालन और...कस्टमर सपोर्ट में लगातार निवेश करना पड़ता है।"