इंटरनैशनल स्पेस स्टेशन से छलांग लगाने पर कम गुरुत्वाकर्षण होने से शख्स पृथ्वी का चक्कर लगाने लगेगा जिसके बाद उसे अंतरिक्षीय कचरे से खतरा होगा। अगर इससे बच भी गया तब भी लंबे समय तक पृथ्वी की कक्षा में घूमता रहेगा। यहां बचने (लगभग असंभव) के बाद वह पृथ्वी की तरफ गिरने लगेगा जहां 1650°C तापमान का सामना करना पड़ेगा।