डॉक्टर रवि गुप्ता ने खुद एक्सपायर्ड दूध पीकर बताया, "मुझे कुछ नहीं होगा।" उन्होंने बताया, "एक्सपायरी डेट का मतलब यह नहीं कि दूध एकदम बदल जाएगा...फ्रिज में रखने से फैट-फ्री मिल्क में 10 दिन बाद भी बैक्टीरियल काउंट में कोई अंतर नहीं आता है...खराब दूध का पता लगाने के लिए...इसे सूंघ सकते हैं...टेक्स्चर ठीक तो...यह कंज्यूम करने में सेफ है।"