अगर दुख बांटने के लिए परोल मिल सकती है तो खुशी के मौके पर क्यों नहीं?: बॉम्बे HC
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हत्या के एक दोषी को विदेश जा रहे उसके बेटे से मिलने के लिए परोल देते हुए कहा है कि अगर दुख बांटने के लिए परोल मिल सकती है तो खुशी के मौके पर क्यों नहीं? दोषी के बेटे को ऑस्ट्रेलिया के विश्वविद्यालय में दाखिला मिला है जिसके लिए कोर्ट ने उसे 10-दिनों की परोल दी है।