बैंक डेटा लीक होने की स्थिति में तुरंत नेट बैंकिंग, UPI PIN और पासवर्ड बदलें, ओटीपी किसी को न दें व संदिग्ध ट्रांज़ैक्शन की रिपोर्ट करें। ग्राहक की गलती न होने पर RBI के तहत 'ज़ीरो लायबिलिटी' का लाभ मिल सकता है। गौरतलब है, बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्राहकों का कथित तौर पर 1TB संवेदनशील डेटा ऑनलाइन लीक हुआ है।