वैज्ञानिकों के मुताबिक, बादल ना होने पर पृथ्वी की जलवायु-जलचक्र पर गंभीर दुष्प्रभाव होंगे और गर्मी बहुत बढ़ेगी। पृथ्वी की तरफ आने वाले सोलर रेडिएशन को बादल वापस स्पेस में भेज देते हैं जिससे समुद्रों और ज़मीन में ऊर्जा वितरण का संतुलन रहता है। कुल मिलाकर बादलों के ना होने से मौसमी चक्र, शुद्ध पानी की उपलब्धता अत्यधिक प्रभावित होगी।