भोपाल में युवाओं में अपनी नस से खून निकालकर उसे फिर खुद को चढ़ाने का ट्रेंड (ब्लड किक) बढ़ रहा है। मनोचिकित्सक डॉ. जेपी अग्रवाल के मुताबिक, ऐसा बार-बार करने से सेप्सिस, गंभीर इंफेक्शन, HIV, हेपेटाइटिस, खून के थक्के, एनीमिया और ऑर्गन फेल्यर हो सकता है। वहीं, शरीर का नैचुरल सिस्टम बिगड़ने से बोन मैरो पर भी दबाव पड़ता है।