गाजियाबाद (यूपी) में जिस गिरधर बिष्ट को परिवार ने मृत मान लिया था वह अपनी तेरहवीं होने के एक दिन बाद जीवित घर लौट आया। शख्स शांति भंग की आशंका को लेकर गिरफ्तारी के बाद जेल से छूटने पर पंजाब चला गया था। उसके लापता होने के बाद परिजन ने एक मृतक की पहचान बिष्ट के तौर पर की थी