NPCI की यूपीआई ऑटोपे में इंटरऑपरेबिलिटी लाने की योजना है। इससे यूज़र्स ऐप बदलने पर बिना ऑटो-पे रद्द किए अपने सबस्क्रिप्शन, एसआईपी, बीमा प्रीमियम और लोन ईएमआई को दूसरे यूपीआई ऐप में पोर्ट कर सकेंगे। इसके अलावा, एक ही जगह सभी ऑटोपे की जानकारी मिलने से अपकमिंग पेमेंट, अकाउंट बैलेंस और पुराने सबस्क्रिप्शन को ट्रैक करना भी आसान हो जाएगा।