भारत के इतिहास में अनेक वीरों की गाथाएं हैं. ऐसे ही इस देश दो वीर आल्हा-ऊदल थे. जिन्होंने बुंदेलखंड को गौरव, मान और सम्मान दिलाया. दोनों भाई मां शारदा के परमभक्त थे. उन्होंने अपना पूरा जीवन राजा परमाल को समर्पित कर दिया था. वे राजा परमार के यहां सामंत थे.