आध्यात्मिक जीवन जीने का '10-15-10' मंत्र समय का संतुलित प्रबंधन और व्यक्तिगत विकास के प्रमुख पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करता है। इसमें रोज़ाना 10 मिनट शारीरिक गतिविधि (स्ट्रेचिंग/योग/कसरत) करने के बाद 15 मिनट रचनात्मक गतिविधि (किताबें पढ़ना, कोई नया कौशल सीखना आदि) करने और फिर 10 मिनट तक मेडिटेशन, प्रार्थना या जप करने की सलाह दी जाती है।