1991 के आर्थिक संकट में भारत ने $405 मिलियन का कर्ज़ लेने के लिए सोने के भंडार का एक हिस्सा ब्रिटेन के बैंक ऑफ इंग्लैंड में जमा कराया था। कर्ज़ चुकाने के बावजूद आरबीआई ने सुरक्षा के मद्देनज़र सोना वहीं रखा। विदेश में सोना रखने से दूसरे देशों से व्यापार करना आसान होता है और इससे रिटर्न्स भी मिलते हैं।