आज़ाद भारत में कब और किसे दी गई थी सबसे पहली सज़ा-ए-मौत?

इंटरनैशनल जर्नल ऑफ लॉ मैनेजमेंट ऐंड ह्यूमैनिटिज़ के मुताबिक, आज़ादी के बाद भारत में 9 सितंबर 1947 को पहली बार राशा उर्फ रघुराज सिंह नामक शख्स को सज़ा-ए-मौत दी गई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, रघुराज को हत्या के मामले में दोषी करार दिया गया था और उसे जबलपुर सेंट्रल जेल में फांसी पर लटकाया गया था।

Load More