उत्तराखंड के 500 साल पुराने रम्माण उत्सव में रामायण की घटनाओं पर होता है मुखौटा नृत्य
चमोली (उत्तराखंड) के सलडू-डूंग्रा गांव में अप्रैल के अंत में रम्माण उत्सव मनाया जाता है जिसमें रामायण की घटनाओं पर मुखौटा नृत्य किया जाता है। उत्सव को 2009 में यूनेस्को ने अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर घोषित किया था। यह परंपरा 500 वर्षों से चली आ रही है जिसमें राम, लक्ष्मण, सीता के पात्र नृत्य शैली में रामायण की प्रस्तुति देते हैं।