उत्तराखंड के जंगल लंबे समय तक सूखे मौसम, मानवीय लापरवाही और कई मामलों में जानबूझकर लगाई गई आग के कारण जल रहे हैं। इन जंगलों में चीड़ के पेड़ों की बहुतायत है जिनकी राल से भरी पत्तियां ज़मीन पर भारी मात्रा में जमा हो जाती हैं। स्थानीय लोग अक्सर नई घास के लिए जानबूझकर इनमें आग लगा देते हैं।