एमपी के गांव में 'लंकापति' को पूजते हैं लोग, दशहरे पर नहीं होता रावण दहन
विदिशा (एमपी) के 'रावण गांव' में दशहरे पर रावण दहन नहीं होता क्योंकि यहां लोगों के लिए 'रावण' उनके इष्ट देवता और ग्राम देवता हैं जिन्हें वे 'रावण बाबा' कहते हैं। गांव के एक मंदिर में 'रावण' की 12-फीट लंबी प्रतिमा है। मान्यताओं के अनुसार, एक बलशाली दैत्य का घमंड तोड़कर 'रावण बाबा' यहां विश्राम मुद्रा में स्थापित हुए थे।