अगले चरण में सिर्फ निवेश नहीं बल्कि इन मुद्दों पर होना चाहिए फोकस, FDI नीति पर एसोचैम की नई स्टडी

एसोचैम की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की FDI नीति के अगले चरण में सिर्फ विदेशी पूंजी बढ़ाने की बजाय निवेश को टिकाऊ बनाने, रोजगार, निर्यात और तकनीक हस्तांतरण को प्रोत्साहित करने पर ध्यान देना चाहिए। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2000-01 में भारत में कुल एफडीआई प्रवाह 2025-26 में बढ़कर करीब $95 अरब हो गया है।

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