ऐक्टिव म्यूचुअल फंड का प्रबंधन फंड मैनेजर करते हैं जो बाज़ार से बेहतर प्रदर्शन करने के लिए निवेश संबंधी निर्णय लेते हैं। वहीं, पैसिव म्यूचुअल फंड का लक्ष्य सेंसेक्स या निफ्टी 50 के प्रदर्शन को दोहराना होता है। इसके अलावा ऐक्टिव म्यूचुअल फंड में पैसिव म्यूचुअल फंड की तुलना में अधिक फीस और जोखिम शामिल होते हैं।