ऑस्ट्रेलिया में भारतीय शख्स को सैलरी हर 15 दिन में मिलती है, बताया यह कैसे है मासिक सैलरी से बेहतर
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय शख्स सार्थक ने बताया कि उन्हें हर 15 दिन में सैलरी मिलना मासिक वेतन से बेहतर लगता है। उनके मुताबिक, इससे खर्चों की बेहतर प्लानिंग/बचत/निवेश करना आसान होता है। उन्होंने कहा कि साल में 12 बार सैलरी मिलने के बजाय उन्हें 24 बार भुगतान मिलता है और वह मासिक सैलरी पर वापस नहीं जा सकते।