इटली की बोलोन्या यूनिवर्सिटी के शोध में पाया गया है कि कुछ लोग बार-बार गलत फैसले इसलिए दोहराते हैं क्योंकि उनका दिमाग 'क्यू-ड्रिवन' होता है। वे आवाज़, तस्वीर या माहौल जैसे बाहरी संकेतों पर ज़रूरत से ज़्यादा निर्भर रहते हैं। नतीजा बुरा होने के बावजूद उनका दिमाग उन्हीं संकेतों के आधार पर फिर वही निर्णय ले लेता है।