किन कारणों से 2050 तक दुनियाभर में 100 करोड़ से अधिक लोग हो सकते हैं बहरे?
'डब्ल्यूएचओ' की रिपोर्ट के मुताबिक, 2050 तक दुनियाभर में 12-35 साल की उम्र के 100 करोड़ से अधिक लोग सुन न पाने या बहरेपन से प्रभावित हो सकते हैं। 50% वे लोग होंगे जो लंबे समय तक डिस्को/क्लब/सिनेमा आदि में तेज़ साउंड में रहते हैं जबकि 25% वे होंगे जो ईयरफोन/ईयरबड्स/हेडफोन पर तेज़ आवाज़ में लगातार कुछ-न-कुछ सुनते रहते हैं।