वायनाड (केरल) में हुए भीषण भूस्खलन में 90 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। ढलान के नीचे से चट्टान, ज़मीन या मलबे जैसी सामग्री के बड़े पैमाने पर इधर-से-उधर होने के चलते भूस्खलन होता है। ब्रिटिश जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, भारी बारिश से ज़मीन में नमी आना और निर्माण सामग्री का कमज़ोर होना भी भूस्खलन का कारण है।